उन जवानों को शत शत नमन ;जिन्होंने देश के लिए अपनी कुर्बानी दे दी @@उनके कुछ कहते आत्मा अपनी मॉ से इस प्रकार है !!!
लोहा को ही काट दिया माँ ;;हम लोहा लेने से ना डरते थे धैर्य का पाठ पढ़ा के माँ ;;हमसे सहने का दम्भ भरते थे माँआधी टुकड़ी ना पहुंची होती ;मेरे जनाजे का यदि आ जाती आदेश वहाँ से ;दुश्मन के सर को लाने का रोज मर रहे हम माँ ;कश्मीर को स्वर्ग बनाने में हम खा रहे थे रोजाना पत्थर आतंकियों को हटाने में रसद हम खा भी ना पाते ;भूख मिटाने को और देश के दुश्मन सिद्धू जैसे ;जाते दोस्ती बढ़ाने को तुम्हारी ख्याल तो रोज आती थी;; और तेरे वो सपने पर कैसे छोड़ू अधर में माँ ;सभी तो है अपने चिन्ता ना करना माँ ;अभी सारा देश बाकि है पुण्य देश के युवा हमारे ;पहनना चाहते खाकी है मैं आ रहा हूँ माँ ;किलो भर जनाजे में रोना मत माँ ;मेरे शव को अपनाने में जय हिन्द ;जय भारत
लोहा को ही काट दिया माँ ;;हम लोहा लेने से ना डरते थे धैर्य का पाठ पढ़ा के माँ ;;हमसे सहने का दम्भ भरते थे माँआधी टुकड़ी ना पहुंची होती ;मेरे जनाजे का यदि आ जाती आदेश वहाँ से ;दुश्मन के सर को लाने का रोज मर रहे हम माँ ;कश्मीर को स्वर्ग बनाने में हम खा रहे थे रोजाना पत्थर आतंकियों को हटाने में रसद हम खा भी ना पाते ;भूख मिटाने को और देश के दुश्मन सिद्धू जैसे ;जाते दोस्ती बढ़ाने को तुम्हारी ख्याल तो रोज आती थी;; और तेरे वो सपने पर कैसे छोड़ू अधर में माँ ;सभी तो है अपने चिन्ता ना करना माँ ;अभी सारा देश बाकि है पुण्य देश के युवा हमारे ;पहनना चाहते खाकी है मैं आ रहा हूँ माँ ;किलो भर जनाजे में रोना मत माँ ;मेरे शव को अपनाने में जय हिन्द ;जय भारत

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